संघ की राजभाषा नीति

संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है ।  संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतराष्ट्रीय रूप है {संविधान का अनुच्छेद 343 (1)}  । परन्तु हिंदी के अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा का प्रयोग भी सरकारी कामकाज में किया जा सकता है  (राजभाषा अधिनियम की धारा 3)  ।

संसद का कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया जा सकता है  । परन्तु राज्यसभा के सभापति महोदय या लोकसभा के अध्यक्ष महोदय विशेष परिस्थिति में सदन के किसी सदस्य को अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं ।  {संविधान का अनुच्छेद 120}

किन प्रयोजनों के लिए केवल हिंदी का प्रयोग किया जाना है, किन के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग आवश्यक है और किन कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाना है, यह राजभाषा अधिनियम 1963राजभाषा नियम 1976 और उनके अंतर्गत समय समय पर राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निदेशों द्वारा निर्धारित किया गया है  ।

विद्यालय गतिविधिया :

1 विद्यालय द्वारा हर दूसरे दिन  २ नये हिंदी शब्द का प्रदर्शन किया जाता है ।

2 हिंदी के कार्यक्रमो का अधिकता से आयोजन किया जाता है ।

3 विद्यालय द्वरा प्रकाशित सामग्री द्विभाषी रुप मे प्रकाशित की जा रही है ।

4 हिंदी के प्रभावी परीपालन हेतु विद्यालय हिंदी राजभाषा समिती का गठ्न किया गया है। जिसकी बैठक प्रत्येक तिमही मे होती है एवम प्रत्येक माह को कार्यो की समिक्षा की जाती है ।

5 ग्रंथालय पुर्ण रुप से द्विभाषीय स्वरुप से सुसज्जीत है।

सभी संगणको मे युनिकोड फांट अपलोड किया गया है ।

7 पत्राचार पुर्ण रुप से द्विभाषीय करने का प्रयास किया जा रहा है ।  

विद्यालय वेबसाईट पुर्ण रुप से द्विभषीय करने का प्रयास कीया जा रहा है ।